संघर्ष द्वार
*आवश्यक सूचना*
बार एसोसिएशन कैराना के सभी सम्मानित अधिवक्ताओं को सूचित किया जाता है कि वर्तमान कार्यकारिणी बार एसोसिएशन कैराना द्वारा बार एसोसिएशन कैराना के अधिवक्ताओं के उज्जवल भविष्य हेतु जीवन समर्पित करने वाले, 26 बार सभी अधिवक्ताओं के सहयोग से अध्यक्ष रहने वाले स्व बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट के प्रयासों से स्थापित, निर्मित, संवर्धित बार पुस्तकालय पर किसी अन्य दिवंगत अधिवक्ता का नाम लिखवा दिया गया है, यह उसी प्रकार के अनैतिक कार्य की पुनरावृत्ति है जैसी 2020 की बार एसोसिएशन कैराना की कार्यकारिणी द्वारा एक अन्य दिवंगत अधिवक्ता का नाम बार भवन के द्वार पर लिखवा कर की गई थी. मैं दोनों ही स्थानों पर अधिवक्ता हित हेतु जीवन समर्पित करने वाले स्व बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट जी का नाम लिखे जाने के समर्थन में और उक्त दोनों दिवंगत अधिवक्ताओं के नाम पुस्तकालय और बार भवन के द्वार से हटाए जाने हेतु सोमवार दिनाँक 9 दिसंबर 2024 से 11 बजे प्रातः से 4 बजे सांय तक पुस्तकालय भवन के सामने भूख हड़ताल पर बैठ रही हूँ. आपमें से जो भी मेरे समर्थन में अनशन में उपस्थित होकर मेरा सहयोग करना चाहते हैं - उनका स्वागत है. मांगे माने जाने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी.
निवेदक
शालिनी कौशिक एडवोकेट
कैराना (शामली)
विनम्र निवेदन
कल दिनाँक 09 दिसंबर 2024 से मैं (शालिनी कौशिक एडवोकेट) कैराना कचहरी के अधिवक्ताओं के उज्ज्वल, सुरक्षित भविष्य हेतु जीवन समर्पित कर आप सभी के परम सहयोग से 26 बार - 'बार एसोसिएशन कैराना' के अध्यक्ष रहे स्व बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट जी के योगदान को इतिहास के पन्नों में दबाने, छिपाने में लगी बार एसोसिएशन कैराना की वर्तमान और पिछली कई कार्यकारिणी के अनैतिक कार्यों के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए पुस्तकालय भवन के सामने 11 बजे प्रातः काल से 4 बजे सांय काल तक भूख हड़ताल करने जा रही हूँ. अगर आप की दृष्टि में मैं सही कदम उठा रही हूँ तो आपसे सहयोग की अपेक्षा करती हूं. आपका सहयोग मेरे मनोबल को बढ़ाकर बार एसोसिएशन कैराना की कार्यकारिणी की निरंतर अनैतिक गतिविधियों पर रोक लगाने में कारगर साबित होगा. धन्यवाद 🙏🙏
शालिनी कौशिक एडवोकेट
कैराना (शामली)
[12/12/2024, 6:24 am] शालिनी कौशिक एडवोकेट: *9 दिसंबर 2024 से उपरोक्त मुद्दों को लेकर मेरे द्वारा भूख हड़ताल रखी जा रही है. मेरी मांग को देखते हुए बार एसोसिएशन कैराना के अधिवक्ताओं द्वारा 10 दिसंबर 2024 को बार एसोसिएशन कैराना की वार्षिक आम सभा में इन मुद्दों को एजेंडे में शामिल किए जाने का प्रस्ताव किया गया जिसे अध्यक्ष सचिव द्वारा सिरे से नकार दिया गया, साथ ही मेरे साथ धरने में शामिल होने वाले अधिवक्ताओं पर सदस्यता खत्म किए जाने का दबाव बनाया गया और अधिवक्ताओं द्वारा बार बार अध्यक्ष सचिव से मेरी मांगे सुनने के लिए धरना स्थल पर आने का आग्रह किया गया तो उस पर भी उन्होंने उपेक्षित रवैय्या अख्तियार किया है.
[12/12/2024, 11:13 pm] शालिनी कौशिक एडवोकेट:
सेवा में
जिलाधिकारी
शामली
विषय - विधायक निधि से निर्मित बार भवन वाचनालय पुस्तकालय पर कपटपूर्ण फर्जी तरीके से पुस्तकालय पर अपना निजी नाम पट्टिका स्मृति के रूप में लिखवाने के संबंध में।
महोदय,
सादर निवेदन सहित अवगत कराना है कि वर्ष 2004-2005 में तत्कालीन पूर्व कृषि मंत्री माननीय स्व. बाबू हुकम सिंह /विधान मंडल उपनेता द्वारा अपनी विधायक निधि से वाचनालय पुस्तकालय भवन का निर्माण कैराना बार एसोसिएशन के तत्कालीन अध्यक्ष बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट जी के प्रयासों से कराया गया था जिसकी कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा मुजफ्फरनगर थी तथा सरकारी धन से बने भवन पुस्तकालय- वाचनालय का लोकार्पण दिनाँक 15-12-2004 को किया गया था पुष्टि हेतु शिलाकट के फोटो संलग्न हैं।
यह अत्यन्त निंदनीय है कि सरकारी धनराशि से निर्मित वाचनालय - पुस्कालय पर बार एसोसिएशन कैराना जैसी रजि. संस्था ने किसी प्राइवेट व्यक्ति स्व. ओंकार स्वरूप भटनागर अधिवक्ता पुस्तकालय स्मृति अंकित करा दिया है।
अतः प्रार्थना है कि सरकारी पैसों से / विधायक निधि से कार्य दायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण सेवा मुजफ्फरनगर से निर्मित भवन पर प्राइवेट व्यक्ति के नाम अंकित करने वाले के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही करते हुए नाम स्मृति नाम पट्टिका हटवाने की कृपा करें क्योंकि उक्त प्रकरण को लेकर भारी तनाव बना हुआ है।
-डॉ शिखा कौशिक
सीता चौक
कांधला शामली
*ये सत्य जो कभी दबाया नहीं जा सकेगा.*
*बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट death date - 1 मार्च 2015
(बार अध्यक्ष द्वारा बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट की बेटी से बार भवन में बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट की तस्वीर लगवाने के लिए बनवाए जाने के लिए कहना और बाद में बाबू कौशल प्रसाद जी की बार भवन के लिए बनी तस्वीर उनके देहांत के 10 वर्ष बाद भी उनके घर में ही रखी रहना - शायद उन अध्यक्ष जी की जबान कोई वजन नहीं रखती थीं और ये शायद कोई अपमान नहीं है)
*बाबू गौरी चंद एडवोकेट death date -6 मार्च 2020
*कोरोना जनता कर्फ्यू - 22 मार्च 2020
*कोरोना काल में बार भवन गेट पर अध्यक्ष/सचिव के स्वयं लिए गए निर्णय का विरोध और हस्ताक्षर अभियान - 30 जून 2020
(100 से अधिक अधिवक्ताओं के बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट के समर्थन में हस्ताक्षर)
*कोरोना काल में स्व बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट के परिवार को दिया गया मृत्यु अनुदान 80,000 रुपये वापिस बार एसोसिएशन कैराना को - 1 जुलाई 2020
*कोरोना काल में शालिनी कौशिक एडवोकेट द्वारा तत्कालीन अध्यक्ष /सचिव की तानाशाही के विरोध में बार एसोसिएशन कैराना के कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा - 1 जुलाई 2020
*बाबू रियासत अली एडवोकेट जी से बार एसोसिएशन कैराना द्वारा आम सभा कराए जाने के बारे में शालिनी कौशिक एडवोकेट द्वारा आग्रह - 15 जुलाई 2020
*कोरोना काल का बहाना कर बार एसोसिएशन कैराना द्वारा आम सभा की मांग नहीं माने जाने पर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को ई-मेल - 20 जुलाई 2020
*कोरोना काल के सहारे बार भवन गेट पर अधिवक्ताओं के भारी विरोध के बावजूद स्व बाबू गौरी चंद एडवोकेट का नामकरण -गुप्त रूप से रविवार (अवकाश) के दिन - 2 अगस्त 2020 को.
ये सब तथ्य वे भ्रमित अधिवक्ता अवश्य नोट कर लें जिन्हें 25 अधिवक्ताओं द्वारा इस भ्रम में रखा गया है कि शालिनी कौशिक एडवोकेट द्वारा बार भवन के गेट पर वर्तमान में किए गए नामकरण का विरोध उस नामकरण से पूर्व करना चाहिए था, तो अब ये तिथि वार विवरण सभी भ्रमित अधिवक्ताओं द्वारा नोट कर लिया जाए, साथ ही एक निवेदन और है कि आप अधिवक्ता हैं तो अधिवक्ता ही रहिए - जज बनकर पूरी जानकारी हुए बगैर एक्स-पार्टी judgment देना छोड़ दीजिए.🙏🙏
खुला है झूठ का बाज़ार आओ सच बोलें,
न हो बला से ख़रीदार आओ सच बोलें।
छुपाए से कहीं छुपते हैं दाग़
चेहरे के,
नज़र है आइना-बरदार आओ सच बोलें।। - कतील शफाई
शालिनी कौशिक एडवोकेट
कैराना (शामली)




टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें